ब्याज दर एवं जोखिमों का श्रेणीकरण
ब्याज दर:
आईआईएफसीएल (IIFCL) अपने ऋण उत्पादों पर लागू ब्याज दर निर्धारित करने हेतु जोखिम-आधारित मूल्य निर्धारण नीति (Risk Based Pricing Policy) अपनाता है। यह मूल्य निर्धारण ढांचा इस प्रकार तैयार किया गया है कि ब्याज दर उधारकर्ता तथा परियोजना के अंतर्निहित ऋण जोखिम को उचित रूप से प्रतिबिंबित करे, साथ ही आईआईएफसीएल की निधि लागत, पूंजी आवश्यकताओं, व्यावसायिक रणनीति तथा प्रचलित बाजार परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जाए।
प्रत्येक ऋण व्यवस्था पर लागू ब्याज दर का निर्धारण अन्य बातों के साथ-साथ निम्नलिखित कारकों को ध्यान में रखकर किया जाता है:
• उधारकर्ता तथा संबंधित परियोजना का ऋण जोखिम प्रोफ़ाइल।
• आंतरिक क्रेडिट रेटिंग तथा जहाँ लागू हो, मान्यता प्राप्त क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों द्वारा प्रदत्त बाह्य क्रेडिट रेटिंग।
• ऋण उत्पाद की प्रकृति, अवधि (Tenor) एवं संरचना।
• निधि लागत तथा लागू बेंचमार्क दरें।
• व्यावसायिक एवं बाजार संबंधी विचार।
• विनियामक आवश्यकताएँ तथा अन्य प्रासंगिक जोखिम कारक।
जोखिम श्रेणीकरण
आईआईएफसीएल उधारकर्ता की साख का आकलन करने हेतु एक संरचित आंतरिक जोखिम रेटिंग ढांचे का पालन करता है। आंतरिक रेटिंग मॉडल मात्रात्मक एवं गुणात्मक दोनों प्रकार के जोखिम मानकों का मूल्यांकन करता है तथा यही क्रेडिट मूल्यांकन, मूल्य निर्धारण, जोखिम निगरानी, पोर्टफोलियो प्रबंधन, पूंजी आकलन एवं प्रावधान निर्धारण का आधार बनता है।
जोखिम-आधारित मूल्य निर्धारण एवं पोर्टफोलियो प्रबंधन के उद्देश्य से आंतरिक रेटिंग ग्रेड का बाह्य रेटिंग ग्रेड से व्यापक रूप से निम्नानुसार मानचित्रण किया जाता है।
| आंतरिक रेटिंग ग्रेड | बाह्य रेटिंग ग्रेड | रेटिंग का विवरण |
| ग्रेड 1 | AAA | निवेश श्रेणी – सर्वोच्च सुरक्षा |
| ग्रेड 2 | AA+/AA | निवेश श्रेणी – अत्यधिक उच्च सुरक्षा |
| ग्रेड 3 | AA-/A+ | निवेश श्रेणी – उच्च सुरक्षा |
| ग्रेड 4 | A/A- | निवेश श्रेणी – पर्याप्त सुरक्षा |
| ग्रेड 5 | BBB+ | निवेश श्रेणी – मध्यम सुरक्षा |
| ग्रेड 6 | BBB/BBB- | निवेश श्रेणी – औसत सुरक्षा |
| ग्रेड 7 | BB+/BB | निवेश श्रेणी – न्यूनतम सुरक्षा |
| ग्रेड 8 | BB-/B+/B | उप-निवेश श्रेणी – निम्न सुरक्षा |
| ग्रेड 9 | B-/C | उप-निवेश श्रेणी – अत्यंत निम्न सुरक्षा |
| ग्रेड 10 | D | डिफॉल्ट |
उपरोक्त मानचित्रण केवल सांकेतिक है तथा इसका उद्देश्य जोखिम-आधारित मूल्य निर्धारण एवं आंतरिक जोखिम प्रबंधन को सुगम बनाना है। आंतरिक रेटिंग आईआईएफसीएल के अनुमोदित रेटिंग मॉडलों के आधार पर निर्धारित की जाती है और यह आवश्यक नहीं कि मान्यता प्राप्त क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों द्वारा प्रदान की गई बाह्य रेटिंग के अनुरूप ही हो।
सामान्यतः उधारकर्ता की जोखिम प्रोफ़ाइल में गिरावट के साथ लागू ऋण स्प्रेड में वृद्धि होती है। अतः बेहतर साख एवं कम अपेक्षित जोखिम वाले उधारकर्ता अपेक्षाकृत कम मूल्य निर्धारण के पात्र होते हैं, जबकि अधिक ऋण जोखिम वाले ऋणों पर स्वीकृत जोखिम-आधारित मूल्य निर्धारण नीति के अनुसार उपयुक्त जोखिम प्रीमियम लगाया जाता है।


